किताबें Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 27, 2019 बूढी़ हो चुकी हैं किताबें ये जिल्द पर भी धूल जम चुके, सोचती हूँ तख्त से इन्हें उतारूँ, और वहाँ कुछ नया सजाऊँ, अब इन किताबों के शब्द और वाक्य, मेरे किस काम के बदलते जमाने के नये-पुराने वक्त की तरह।। Read more