पिता

 कौन कहता है

किसी के जाने से

जीवन नहीं रुकता

उन बेटियों से पूछो

जिन्हें विदा करके भी

पिता की साँसे

बेटियों में बसती थी

बेटी के आने की

खबर मात्र से

दरवाजे से नज़र

नहीं हटती थी

बार-बार पूछकर

कब आओगी

जैसे सफ़र पर

कितने फोन

किया करते थे

मायका सिर्फ़ माँ से हो

यह ज़रूरी नहीं

हम तो पिता के बिना

ही बेघर हो गए..

उन बेटियों से पूछो 

जब बेटी के बुखार में

माँ की जगह

पिता जगते थे 

पिता के जाने का गम

कुछ ऐसा है

माँ बदहवास है,

अनाथ बेटियों की

सिसकारी अब भला कौन सुने।

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