पितृ पक्ष
पितृ पक्ष में चौखट के
दीप का
जितना भी प्रकाश है
मेरे पितृ का उसी लौ-सा
आशीर्वाद है
पुत्र पितृ पक्ष में करते हैं तर्पण
ताकि कुल में
समृद्धि बनी रहे
इसीलिए बेटियों के हिस्से
नहीं आता पिंड दान
जिस कुल में जन्मी
वहीं नहीं
उनका कोई स्थान,
बेटियां
अश्रुपूरित नेत्रों से
करती हैं नमन,
क्योंकि बेटी में ही बसते
पिता के हैं प्राण,
उन्नति, वैभव, सुख-दुख
सबकुछ तो उनका ही
आशीर्वाद है,
अदृश्य, अलौकिक रूप में
पितृ ही मेरे रक्षक
परमात्मा समान हैं.
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